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“अटल“ राजनीति के महानायक “बाजपेयी“

भारत रत्न अटल विहारी बाजपेयी ने संसद में 50 साल तक अपनी उपस्थिति से विश्व इतिहास की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया था। जाति-धर्म से परे रहकर उन्होंने ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और स्पष्टवादिता के बल पर सच्चे देश भक्त और जननायक के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद तीन बार प्रधानमंत्री बनने वाले और पहली बार पांच साल सरकार चलाने वाले गैर कांग्रेसी नेता रहे। उन्होंने सबसे ज्यादा संसद में रहने का रिकॉर्ड बनाया। देश के साथ ही विदेशों में उन्होंने अपनी ऐसी अमिट छाप छोड़ी कि वे अटल राजनीति के “महानायक“ बाजपेयी बन गए। उनके जन्म दिवस पर “ग्वालियर लाइव “ की खास रिपोर्ट।

वाजपेयी का संक्षिप्त जीवन परिचय
पूरा नाम : अटल बिहारी वाजपेयी
जन्म : 25 दिसम्बर 1924
मृत्यु : 16 अगस्त 2018
जन्म स्थान : ग्वालियर
माता-पिता : कृष्णा देवी एवं कृष्ण बिहारी वाजपेयी
विवाह : नहीं हुआ
राजनैतिक पार्टी : भारतीय जनता पार्टी
अवार्ड : 1992- पद्म विभूषण
1994 : लोकमान्य तिलक अवार्ड
1994 : बेस्ट सांसद अवार्ड
1994 : पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड
2014 : भारत रत्न

ग्वालियर। अटल जी नहीं रहे।….. 16 अगस्त 2018 गुरुवार की शाम जैसे ही न्यूज चैनलों पर यह खबर आई, तो उसे देख और सुन आम और खास सहित हर किसी की आँखें नम हो गईं। सभी की जुबान पर एक ही नाम था, …..अरे “अटल“ जी नहीं रहे। ऐसी ही शख्सियत का नाम था अटल बिहारी वाजपेयी। जिन्हें कभी कोई भूलना नहीं चाहेगा। 93 वर्ष के जीवन काल में 63 साल की सक्रिय राजनीति में पांच दशक यानी 50 साल वे सांसद रहे। 1942 से शुरू होकर 2005 तक चलने वाले राजनीतिक सफर में उन्होंने 1954 में पहला चुनाव लड़ा और विजयी होकर संसद में कदम रखा। उसके बाद उन्होंने राजनीति में अपनी ऐसी छाप छोड़ी, कि जन-जन के लाड़ले और आदर्शवादी व प्रशंसनीय नेता बन गए। वे देश के एकमात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने चार प्रदेशों से सांसद का चुनाव लड़ा और विजयश्री हासिल की। अटलजी भारत की आजादी से पहले राजनीति में आए थे। उन्होंने गांधी जी के साथ भारत छोडो आंदोलन में भाग लिया और कई बार जेल भी गए। उन्होंने देश ही नहीं वरन विदेशी धरती पर भी राजनीति का मान बढ़ाया और स्वयं जन आस्था का केंद्र बन गए। वे कुशल राजनीतिज्ञ के साथ ही पत्रकार और कवि भी थे। उन्होंने अपने अटल इरादों से कुछ ऐसे कार्य किए जो देश को गौरवान्वित कर गए। बेशक आज अटल जी इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन आज उनके जन्म दिवस पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। क्योंकि अब यादों में जो बसे हैं हमारे अटल जी। 

अटल इरादों वाली पांच खास बातें
वाजपेयी की पांच खास बातों में उनकें अटल इरादे नजर आए। जिन्होंने विश्वभर में देश की अलग पहचान बनाई।
क –1998 में सरकार बनने के तीन माह के अंदर अमेरिका की खूफिया एजेंसी को चकमा देकर 11 व 13 मई को पोकरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी शक्ति का अहसास कराया। अमेरिका की धमकी काम नहीं आई और बाद में समर्थन ही किया।

दो- 24 दिसंबर 1999 में आतंकी भारतीय विमान के हाइजेक कर कंधार ले गए। 191 निर्दोष नागरिकों की जिंदगी को बचाने के लिए उन्होंने आतंकी छोडे़ और सभी आलोचनाओंं को सहते हुए बड़े ही सहज भाव से सभी दोष अपने सिर मढ़ लिए।
तीन – अटलजी के शासनकाल में पाक सेना और आतंकियों ने संयुक्त रूप से कश्मीर में घुसपैठ कर भारतीय सेना पर हमला बोला था। उस दौरान उन्होंन पाक प्रधानमंत्री को नसीहत दी लेकिन बात न बनने पर कारिगल युद्ध हुआ और पाक सेना परास्त हुई।
चार- 15 अगस्त 2003 को जब देश आजादी पर्व का जश्न मना रहा था। अटल जी ने देश के पहले चंद्र मिशन “चंद्रयान“-एक की घोषणा की। 22 अक्टूबर 2008 में इसे लांच कर दिया गया। चंद्रयान ने चांद पर पहुंचकर पानी खोजा। भारत की यह सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
पांच- गुजराज दंगों के दौरान अटल जी ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रेस कॉन्फें्रस कर सार्वजनिक रूप से बयान दिया कि मोदी राजधर्म निभाएं। साथ ही उन्होंने अयोध्या के बाबरी विध्वंस से अपने को अलग रखकर राष्ट्रवाद का परिचय देकर राजधर्म निभाया।
प्रस्तुति :विजय पाण्डेय

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