धर्म रीजनल न्यूज़ सम्पादकीय

हर इंसान की जरूरत है आस्था

मानव जीवन के लिए आस्था एक जादूई शक्ति के तौर पर काम करती है। आस्था इंसान के भविष्य की इबादत को नए सिरे से लिख सकती है। सृष्टि की सबसे सुंदर रचना इंसान और उसके मनचाहे लक्ष्य के बीच में सिर्फ एक ही चीज खड़ी होती है। वह चीज और कुछ नहीं, बल्कि कोशिश करने की इच्छा है। वह चीज और कुछ नहीं बल्कि यह विश्वास करने की शक्ति होती है, कि यह संभव है। और जब इंसान मन में ठान लेता है तो यह संभव भी हो जाती है। यही आस्था और विश्वास की ताकत होती है।

जीवन के स्वर्णिम सिद्धांत : विजय पाण्डेय                                                                   आस्था फ्लैशलाइट की तरह होती है। चाहे अंधेरा कितना भी हो, इसकी मदद से आप आसानी से अपनी राह खोज ही लेंगे। हर आने वाले कल में दो सिरे होते हैं। हम इसे चिंता के सिरे से थाम सकते हैं या फिर आस्था के सिरे से ।

जीवन में दो पहलू विशेष होते हैं, एक पश्चाताप। जो हमेशा पीछे देखता है। दूसरा चिंता, जो चारों तरफ देखती है। इन दोनों के इतर आस्था ऊपर देखती है। महान व्यक्तियों या लीडर्स में आस्था का आध्यात्मिक गुण का भाव हमेशा होता है। ईश्वर हमेशा उस व्यक्ति का साथ देता है, जो उसमें आस्था रखता है। …….वह उन लोगों को पुरस्कार भी देता है, जो मेहनत से उसे खोजते हैं। आपकी जिंदगी आपकी आस्था के अनुरूप ही फैलेगी या सिकुड़ेगी, यही आस्था का प्रभाव और भाव होता है।
यदि जीवन में सफलता की सीढ़ी चढ़ना है और आगे बढ़ना है तो कर्मठ व्यक्ति की तरह सोचें, लेकिन कर्म आस्थावान मनुष्य की तरह करें। कर्म और आस्था दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है। प्रार्थना बारिश की दुआ करना है। आस्था छतरी लेकर चलना है। अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपनी सफलता का विश्वास होना जरूरी है। पॉल लिटिल ने कहा कि आस्था कर्म की मांग करती है। आस्था निष्क्रीय नहीं, बल्कि सक्रिय नजरिया है। आस्था कोई गोली नहीं है, जिसे आप खा सकें। यह तो एक मांसपेशी है, जिससे आप बहुत कुछ कर गुजरते हैं। आस्था की बदौलत आपके हाथ-पैर तब भी काम करते हैं, जब आपका दिमाग और दूसरे लोग भी यही कहते हैं कि यह काम नहीं किया जा सकता। जीतने के लिए सक्रिय आस्था का होना आवश्यक है।
अनिश्चिता या अनिर्णय की स्थिति में भी आप आस्था से सही निर्णय ले सकते हैं। यह दिन में सपने देखना नहीं है। बल्कि सही निर्णय लेना है। सच्ची आस्था सपने नहीं देखती है। इसके बजाय यह कठोर, व्यावहारिक और पूरी तरह यथार्थवादी है। आस्था अदृश्य को तो देख लेती है, लेकिन यह उन चीजों को नहीं देखती, जो अस्तित्व में ही नहीं आ सकती हैं।
आस्था राडार की तरह है, जो कोहरे के पार देख लेती है। जो इतनी दूर से उन चीजों की वास्तविकता को देख लेता है, जो आँख से दिखाई नहीं दे सकती हैं। दुनिया कहती है कि साकार चीजों पर विश्वास करना आसान होता है। आस्था कहती है कि विश्वास करने से चीजें साकार हो जाती है।
दुनियाभर के विद्वानों की मानें तो उनके मुताबिक उन्होंने जो कुछ देखा उसके चलते ईश्वर पर उन सब चीजों के लिए विश्वास करना जरूरी हो जाता है। जिन्हें वे देख नहीं पाते हैं। शंका आधुनिक महामारी है, लेकिन आस्था से इसका उपचार हो सकता है। सच्ची आस्था किसी ऐसी चीज को देखने से इंकार कर देगी, जो धर्म और मानव जाति के विपरीत हो। यह परिस्थितियों एवं स्थितियों को नहीं, बल्कि वादे को देखेगी और जीवन को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
शंका बाधा देखती है : आस्था राह देखती है।
शंका सबसे अंधेरी रात को देखती है : आस्था उजाला देखती है।
शंका एक कदम उठाने से भी डरती है : आस्था ऊँंची उड़ान भरती है।
शंका सवाल पूछती है। कौन, विश्वास करता है।
आस्था जवाब देती है, ‘‘मैं‘‘ अज्ञात ।

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