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ज्योतिरादित्य सिंधिया को भू-माफिया कहने पर हंगामा

सत्ता और विपक्ष हुआ आमने-सामने और घेरी सभापति की आसंदी

ग्वालियर। ज्योतिरादित्य सिंधिया सबसे बड़ा भू-माफिया है। कॉंग्रेसी उन्हें महाराज…महाराज करते रहते हैं और इनके महाराज कोटेश्वर मंदिर की जमीन सहित सरकारी जमीनों को घेरने का काम करते हैं। पार्षद जय सिंह सोलंकी ने सदन में जब यह बात कही तो हंगामा खड़ा हो गया। सत्ता और विपक्ष के बीच इस बयान को लेकर तीखी बहस हुई। दोनों दलों के पार्षदों ने सभापति की आसंदी को घेरा और आरोप-प्रत्यारोप करते हुए एक-दूसरे पर निशाना साधा।

यह पूरा घटनाक्रम बुधवार को जलविहार स्थित महापौर कार्यालय में आयोजित नगर निगम परिषद के विशेष सम्मेलन में घटित हुआ। परिषद के आखिरी सम्मेलन में बिंदु क्रमांक 10 पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में माफिया के खिलाफ अभियान चलाकर विशेष कार्रवाई कर रही है। जिसका आमजन को लाभ मिल रहा है। इतना सुनते ही वार्ड 10 के भाजपा पार्षद जय सिंह सोलंकी खड़े हो गए और कहने लगे क्या खाक कार्रवाई हो रही है? मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा भू-माफिया तो ज्योतिरादित्य सिंधिया है। ये लोग महाराज….महाराज कर उनकी गुलामी करते रहते हैं। इनके महाराज कोटेश्वर मंदिर सहित अन्य सरकारी जमीनों पर मैरिज गार्डन के नाम पर कब्जा करते हैंं।                                             यह भी पढिये @ ज्योतिरादित्य सिंधिया गरीबों के मकान तोड़, घेर रहे हैं जमीन सरकारी     

इतना सुनते ही कांग्रेसी पार्षद बिफर गए। उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए सभापति की आसंदी घेरी। इसके साथ ही भाजपा पार्षद भी आक्रोशित हो गए। दोनों एक -दूसरे के नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप करने लगे। हंगामा बढ़ता देख सभापति को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

नेता प्रतिपक्ष श्री दीक्षित ने कहा कि भाजपाई ज्योतिरादित्य सिंधिया की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान हैं। उनके पास कोई मुद्दा नहीं है तो उन्हें बदनाम करने में लगे हुए हैं। हमारे पास भी पूर्व मंत्री माया सिंह एवं पूर्व महापौर के खिलाफ अनेक सबूत हैं। इसके बाद सभापति ने मामले को शांत कराया।
आपको बता दे कि जय सिंह सोलंकी पिछले छह माह से सिंधिया पर जमीन घेरने का आरोप लगाते आ रहे हैं। जब कोटेश्वर मंदिर के पास निर्माण चल रहा था उस दौरान भी उन्होंने परिषद की बैठक में आपत्ति जताते हुए निर्माण पर रोक लगाने की जोरदार मांग की थी।

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