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अलर्ट : यदि आपके मोबाइल में हैं ये क्रिमिनल ऐप्स तो तत्काल कर दें डिलीट

अक्सर इस तरह की खबरें पढ़ने और देखने को मिलती हैं कि इन ऐप्स को भूलकर भी डाउनलोड न करें या फिर इन्हें अपने मोबाइल से डिलीट कर दें। दरअसल ये वो ऐप्स होते हैं जिनसे आपके डेटा चोरी होने का खतरा सबसे ज्यादा बना रहता है। टेक्नोएक्सपर्ट्स ने एक बार फिर आधा सैकड़ा ऐसे ऐप्स के बारे में पता किया है जो आपके फोन की बैटरी और उसकी स्पीड को प्रभावित करते हैं। इसलिए जरूरी हो जाता है कि आप तत्काल इन क्रिमिनल ऐप्स के अपने मोबाइल से डिलीट करें।

डिजिटल एजेंसियों और मोबाइल कंपनियों से जुड़ी सिक्यॉरिटी एजेंसियों ने आधा सैकड़ा ऐसे ऐप्स का पता लगाया है जिनका इस्तेमाल लोगों के फोन हैक करने में किया जाता है। करीब 10 लाख लोगों ने इस मैलिशस सॉफ्टवेयर को गलती से डाउनलोड कर लिया है। ये ऐप्स आपके फोन की बैटरी को तेजी से खाली कर देते हैं। “द सन“ ने इस बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। चेक पॉइंट के रिसर्चर का कहना है कि गूगल प्ले स्टोर पर ये ऐप्स उपलब्ध थे। और उन्हें मोबाइल एड फ्रॉड के तहत लॉन्च किया गया था। ये वो ऐप्स होते हैं जो डाउनलोड होने पर बेकार के विज्ञापनों से फोन को भर देते हैं ताकि हैकर्स कुछ अतिरिक्त कमाई कर सकें। कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, ’हालांकि, गूगल ने हमेशा ही प्ले स्टोर को सिक्यॉर करने और मैलिशस एक्टविटी को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। लेकिन हैकर्स किसी ना किसी तरह प्ले स्टोर में सेंध लगाकर यूजर्स की डिवाइस तक अपनी पहुंच बना ही लेते हैं।

’ चेक पॉइंट के रिसर्चर ने एक नई मैलवेयर फैमिली की पहचान की है जिसे दुनियाभर में करीब 10 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है। इन शोधकर्ताओं ने अनेक ऐप्स को जांच करने के बाद ऐसे आधा सैकड़ा से अधिक ऐप्स को खोज निकाला। इनमें 56 ऐप्स को उन्होंने क्रिमिनल ऐप्स की श्रेणी में रखा है। यह सभी जानते हैं और यदि नहीं तो आपको बता दें कि ऐंड्रॉयड फोन यूजर के लिए प्ले स्टोर ऐप डाउनलोड करने का खजाना और एक तरह से मुख्य विकल्प है। शोधकर्ताओं ने जिन ऐप्स को खोजा उनमें से दो दर्जन तो खासतौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर क्रिएट किए गए हैं। जिनमें पजल और रेसिंग गेम्स ऐप्स हैं। इनके अलावा ढाई दर्जन यूटिलिटी ऐप्स हैं। जो कि डाउनलोडर, ट्रांसलेटर, कुकिंग और कैलकुलेटर श्रेणी के ऐप्स हैं। जो कि लेट मी गो, कुकिंग ड्रेसअप, ट्रेवल मेप, एक्वावर, बेस्ट ट्रांसलेट, लिटिल फार्म, हैक्साडम और बिस्कुट के नाम से शामिल हैं।

एक बार आपके फोन में डाउनलोड होने के बाद ये ऐप्स यूजर्स से रैंडम बैनर वाले ऐड्स पर क्लिक करने को कहता है। ऐसा करने से ऐप बनाने वाले कैश में पैसा कमाते हैं जबकि यूजर्स के फोन की बैटरी लाइफ और परफॉर्मेंस घर जाती है। शोधकर्ताओं ने लिखा है, ’अपने यूजर्स बढ़ाने के लिए इन हैकर्स ने असली लोकप्रिय ऐप्लिकेशन के क्लोन वर्जन लॉन्च किए हैं। इनमें अधिकतर बच्चों के ऐप हैं क्योंकि इन मैलवेयर ऐप्स में अधिकतर बच्चों के गेम्स हैं।’ उनका कहना है, ’अच्छी बात है कि इन इन्फेक्टेड ऐप्लिकेशन्स को गूगल प्ले से हटा दिया गया है।

’ शोध से पता चलता है कि गूगल की पुरजोर कोशिशों के बावजूद प्ले स्टोर पर अभी भी मैलिशस ऐप्स अपनी जगह बनाने में कामयाब हो रहे हैं। द सन को गूगल के स्पोक पर्सन ने इस बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हमारे लिए यूजर्स की सेफ्टी और उनकी सिक्यॉरिटी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके यदि कोई हमारी नीतियों का उल्लंघन करता है या फिर पाया जाता है तो हम उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हैं।

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