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बासंतिक नवरात्र : देवी के नौ रूपों की जय-जयकार के बीच पूजे जाएंगे विष्णु के दो अवतार

  • कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा-अर्चना का विधि-विधान

  • राशि अनुसार करोगे उपासना तो देवी मॉ पूरी करेंगी मनोकामना

    चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा यानी 25 मार्च बुधवार से मॉ दुर्गा की आराधना के खास पर्व बासंतिक नवरात्र की शुरूआत हो रही है। हालांकि प्रतिपदा तिथि का आगमन बीते रोज 24 मार्च मंगलवार को ही दोपहर 1ः43 बजे हो गया लेकिन हिंदू धर्म के मुताबिक उदिया तिथि की मान्यता से सूर्योदय से तिथि को माना जाता है। इसके चलते बुधवार से ही नवरात्र की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आराधना शुरू होगी। इस दिन प्रतिपदा तिथि शाम 5ः26 बजे तक व्याप्त रहेगी। ऐसे में प्रतिपदा तिथि में शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी। इस दौरान विधि-विधान से की जाने वाली घट स्थापना और पूजा अर्चना विशेष फलदायी होगी। क्योंकि इस बार सूर्योदय के साथ ही रेवती नक्षत्र और ब्रह्म योग का सुखद संयोग भी बन रहा है। राशि अनुसार देवी की उपासना करने से बासंतिक नवरात्र सुख-समृद्धि और खुशियां प्रदान करने वाली साबित होगी।

ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश के रूप में सृष्टि का सृजन, पालन और संहार करने वाली मॉ आद्या परमशक्ति, पराशक्ति नवदुर्गा मॉ भवानी की उपासना और आराधना के इस महापर्व के दौरान पहले दिन से जहां हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2077 का भी शुभारंभ होगा। माना जाता है कि ब्रह्माजी ने इसी संवत से सृष्टि के निर्माण का श्रीगणेश किया था। वहीं इसके साथ ही चैत्र नवरात्र में देवी की जय-जयकार के साथ ही जगत के पालनहार भगवान विष्णु के दो अवतार मत्स्यावतार और रामवतार भी होगा। भक्ति और उपासना के लिहाज से देवी आराधना के ये नौ दिन घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए खास रहेंगे। क्योंकि नवरात्र का प्रत्येक दिन आदिशक्ति मॉ भवानी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना के लिए विशिष्ट तौर पर समर्पित रहेगा। मॉ देवी के इन स्वरूपों की आराधना एवं उपासना से जातकों के अनेक प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते हैं।
ऐसे करें घट स्थापना, नियम और विधि
नवरात्र में देवी आराधना के लिए घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। विधि-विधान से की जाने वाली घट स्थापना से दुर्गा मॉ की कृपा बरसती है। इसलिए जरूरी है कि विधि-विधान से ही घट स्थापना हो। इसके लिए घर में उत्तर-पूर्व दिशा में कलश स्थापना करना शुभ होता है। इस हिस्से की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। लीप-पोत कर गंगाजल से पवित्र करें और पीली मिट्टी का चौक बनाकर उसमें जौ डालें। इसके बाद उसपर जल का छिड़काव कर मंत्रोच्चार के साथ कलश की स्थापना करें। कलश में गंगाजल मिलाकर शुद्ध जल से भरें और उसमें चॉंदी या तांबे का एक सिक्का डालें। कलश पर दाहिना हाथ रख कर नीचे लिखे मंत्र का जाप करें।
ग्ांगे! च यमुने ! चैव गोदावरी! सरस्वती !
नर्मदे ! सिंधु! कावेरी ! जलैस्मिन् सन्निधिं कुरु ।।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त : प्रात : 6ः19 बजे से 7ः17 बजे तक
सिद्धि मुहूर्त : सुबह 7ः45 से 9ः35 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 10ः35 से 11ः40 बजे तक
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
25 मार्च बुधवार शाम 5ः26 बजे तक
राशि के अनुसार करें उपासना, पूरी होंगी सभी मनोकामना
नवरात्रि के पावन पर्व पर पहले दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी हो रही है। नवरात्रि के दौरान मॉ भवानी के नौ रूपों की विशेष आराधना होगी। यदि आप भी चाहते हैं कि माता रानी की कृपा आप पर भी बरसे तो अपनी राशि के अनुसार मॉ के रूपों की पूजा करें।
मेष : दुर्गा मॉं के पहले स्वरूप मॉं शैलपुत्री की पूजा करें। मान-सम्मान और धन-दौलत में वृद्धि होगी।
वृष : मॉं ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। इनकी उपासना से जीवन में चली आ रही परेशानियां दूर होंगी।
मिथुन : मॉ चंद्रघण्टा की उपासना करने से लाभ होगा। शत्रु पर विजय होगी और बुरी नजर का नाश होगा।
कर्क : मॉ सिद्धिदात्री की पूजा करना श्रेष्ठ रहेगा। मॉ दुर्गा और लक्ष्मी सहस्त्रनाम पाठ करने से लाभ होगा।
सिंह : बगलामुखी मॉ की पूजा कर दुर्गाजी का पाठ करें। जल्द ही शुभ समाचार मिलने की उम्मीद रहेगी।
कन्या : मॉ ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से कानूनी मामलों में राहत मिलेगी। नौकरी बदलना लाभकारी साबित होगा।
तुला : मॉ महागौरी की पूजा-अर्चना करें। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और यश मिलेगा। हर तरफ लाभ की स्थिति।
वृश्चिक : मॉ स्कंदमाता के स्वरूप की पूजा करें। मॉ की कृपा से व्यापार-धंधे और नौकरी में अप्रत्याशित लाभ होगा।
धनु : नवरात्र में मॉं चंद्रघण्टा के स्वरूप की पूजा करें। मॉं की विशेष कृपा बरसेगी, रुके हुए सभी काम पूरे होंगे।
मकर : मॉ कालरात्रि की उपासना करें। घर-परिवार में खुशियों भरा वातावरण रहेगा और सुख-समृद्धि आएगी।
कुंभ : कालरात्रि की पूजा करने से घर में धन की वर्षा होगी। रुके हुए सभी काम बनेंगे और मनचाही सफलता मिलेगी।
मीन : मॉ चदं्रघण्टा की पूजा करना सुखद रहेगा। आपके कारोबार में उछाल आएगा और नौकरी में उन्नति होगी।

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