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मैं सोनिया जी को बहुत मानती हूं, देश परिवारवाद की राजनीति से मुक्त हो : उमा भारती

सुशांत सिंह के केस पर उमा भारती ने कहा- रिया चक्रवर्ती को हमें अभी ट्रायल पर नहीं डालना चाहिए, तब तक, जब तक कि वह अपराधी प्रमाणित न हो जाए
भोपाल: बीजेपी (BJP) की वरिष्ठ नेत्री और मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharati) ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष का पद छोड़ने की पेशकश पर आज कहा कि ”मैं चाहती हूं कि हमारा देश परिवारवाद की राजनीति से मुक्त हो. और यदि परिवारवाद से मुक्त करना है तो इसकी शुरुआत उनके यहां (कांग्रेस) से हुई थी. इसलिए मैं सोनिया जी को बहुत मानती हूं. और उस आदर के भाव से ही मैं बात कहूंगी.” उन्होंने कहा कि ”भारत के लोग अमेरिका में उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस पर गर्व करने की जगह भारत की उन महिलाओं पर गर्व करें जिन्होंने भारत की राजनीति में और दुनिया में अपना स्थान बनाया, नाम कमाया.”
उमा भारती ने कहा कि कमला हैरिस अमेरिकन है, कहीं से भी वह भारतीय नहीं है. वह भारत की मूल नस्ल की हैं, अन्यथा वह अमेरिका में पैदा हुई महिला हैं. उनकी पूरी निष्ठा अमेरिका के साथ है. भारतीयों को अगर गर्व करना है तो भारत के बहुत लोग हैं जो भारतीय रहते हुए दुनिया में बहुत नाम कमा चुके हैं.
उन्होंने कहा कि ”अमेरिका एक ऐसा देश है जो दुनिया के लोगों ने मिलकर बनाया है. अमेरिका की अपनी नस्ल तो समाप्त कर दी गई, जो रेड इंडियन थे. अमेरिका में आज जो लोग हैं, ये बाहर के लोग हैं. उनमें से कमला हैरिस भी हैं. मैं चाहूंगी कि भारत के लोग अमेरिका में उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस पर गर्व करने की जगह भारत की उन महिलाओं पर गर्व करें जिन्होंने भारत की राजनीति में और दुनिया में अपना स्थान बनाया, नाम कमाया. इंदिरा गांधी हैं, सुषमा स्वराज हैं, और भी बहुत सारे लोग हैं, बहुत सारी महिलाएं हैं.”
उमा भारती ने कहा कि ”सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के केस में मुझे बहुत दुख हुआ जब मैंने सुना कि उन्होंने आत्महत्या कर ली. अब सब जांच के दायरे में है. सीबीआई दुनिया की मान्यता प्राप्त एजेंसी है. हम उसकी जांच को प्रभावित नहीं कर सकते. मैं नहीं जानती रिया चक्रवर्ती कौन है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को तब ट्रायल पर ले जाना जब उसका अपराध प्रमाणित नहीं हुआ, उसको किस दर्द से गुजरना होता होगा? बाद में वह अपराध से मुक्त साबित हो गया तो वह उस दर्द से कैसे मुक्त होगा, जो सजा उसको अभी मिली है? इसलिए मैं सबको कहूंगी, इस मामले में मीडिया और नेता रिस्ट्रेन करें, राजनीति न करें. क्षेत्रवाद की राजनीति न करें. यह महाराष्ट्र-बंगाल वर्सेज बिहार नहीं है. यह एक अभिनेता जिसने भारत की कला में अपना योगदान दिया, उसके जीवन के अंत का एक मसला है. उस मसले में एक महिला भी जुड़ी हुई है. उस महिला को हमें अभी ट्रायल पर नहीं डालना चाहिए, तब तक, जब तक कि वह अपराधी प्रमाणित न हो जाए.”

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