धर्म-समाज

हनुमान जयंती महोत्सव : हनुमान जी को प्रसन्न करने करें श्रीराम की पूजा

अंजनी के लाल, केसरी नंदन श्रीराम भक्त हनुमान का प्राकटोत्सव हिंदू धर्म में धूमधाम से मनाया जाता है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाने की पंरपरा है। इस बार यह उत्सव आठ अप्रैल बुधवार को मनाया जाएगा। हालांकि इस बार कोरोना वायरस का साया होने के कारण हनुमान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और घरों पर ही श्रद्धा भाव के साथ रामभक्त और भगवान शिव के अवतार हनुमान जी का जन्मोत्सव मनेगा। महाबीर की उपासना के खास दिन पर यदि हनुमान जी की कृपा पानी है उनके स्वामी भगवान श्रीराम की पूजा भी करें। 

ग्वालियर। शास्त्रों के अनुसार और पंडितों के मुताबिक भगवान राम ही हनुमान जी के आराध्य हैं, इसलिए कहा जाता है कि हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भगवान राम की भक्ति भी करनी चाहिए। इस दिन पूर्णिमा होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा और सत्यनारायण की कथा भी सुनी जाती है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। अतुल बलशाली हनुमान जी की कृपा से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। सच्चे मन से हनुमान जी की उपासना करने बल, बुद्धि, विद्या का आशीष प्राप्त होता है। संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा ….. का उच्चारण करने मात्र से आरोग्य का वरदान मिलता है।
इस तरह करें पूजा
अभिजित मुहूर्त में हनुमान जी की पूजा करना अत्यंत शुभ है। उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी पर लाल कपड़ा रखें। हनुमान जी के साथ श्रीराम जी के चित्र की स्थापना करें। हनुमान जी को लाल और राम जी को पीले फूल अर्पित करें। लड्डुओं के साथ-साथ तुलसी दल भी अर्पित करें। पहले श्री राम के मंत्र राम रामाय नमः का जाप करें। फिर हनुमान जी के मंत्र ॐ हं हनुमते नमः का जाप करें। इसके अलावा हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए तिल के तेल में नारंगी सिंदूर घोलकर चढ़ाएं। हनुमान जी को चमेली की खुशबू या तेल और लाल फूल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। हनुमान जी के पैरों में फिटकरी रखने से बुरे सपनों से मुक्ति मिलती है। रामरक्षास्त्रोत का पाठ करने से सारे बिगड़े काम बन जाते हैं।
ऐसे तैयार करें पूजा का प्रसाद
जन्मोत्सव पर पूजा के बाद हनुमान जी को अर्पित करने वाले प्रसाद का भी ध्यान रखें। जो भी प्रसाद तैयार करें वो स्नान करके पूरी शुद्धता से ही बनाएं। प्रसाद भी शुद्ध सामग्री से तैयार करें। हनुमान जी को भोग लगाने के बाद ही परिवार के सदस्य अन्न-जल ग्रहण करें।
ये सात सरल उपाय देंगे कष्ट मिटाय
— पांच देसी घी की रोटी का भोग हनुमान जयंती पर लगाने से दुश्मनों से मुक्ति मिलती है। कारोबार में वृद्धि के लिए हनुमान जन्मोत्सव के दिन सिंदूरी रंग का लंगोट हनुमानजी को पहनाइए। ’
— हनुमान जी के मंदिर जाएं, उन्हें केसरी रंग का चोला चढ़ाएं और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। सिर से 8 बार नारियल वारकर हनुमान जी के चरणों में रखें। ’
— हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान जी के मंदिर जा कर उनका कोई भी सरल मंत्र पढ़ें और हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। फिर हनुमान जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें लौंग डालें। ऐसा करने से आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। ’
— हनुमान जी को खुश करना है तो इस दिन उनकी मूर्ति के ऊपर गुलाब की माला चढ़ाएं। इसके बाद एक नारियल पर स्वास्तिक बनाएं। इस नारियल को हनुमान जी को अर्पित करें। इससे अगर आपके जीवन में कोई बुरा समय चल रहा होगा तो वह कट जाएगा।
–’ यदि आप पैसों की तंगी से परेशान हैं तो पीपल के पेड़ के 11 पत्ते तोड़ लें और उस पर श्रीराम का नाम लिख हनुमान जी को चढ़ा दें। ’
— हनुमान जी को विशेष पान का बीड़ा चढ़ाएं। इसमें सभी मुलायम चीजें डलवाएं, जैसे खोपरा बूरा, गुलकंद, बादाम कतरी आदि।
हनुमान चालीसा पाठ से मिलती है बल और बुद्धि
हनुमान जी ने श्रीराम को वचन दिया था कि वह पृथ्वी पर अदृश्य रूप में रहकर राम नाम का स्मरण करते हुए उन्हें महाप्रलय तक पूजते रहेंगे। इसीलिए माना जाता है हनुमानजी आज भी हमारे बीच में हैं। हनुमान जी को समर्पित हनुमान चालीसा शक्ति और साहस का प्रतीक है। हनुमान चालीसा के पाठ से जीवन में शांति आती है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से कुटिल से कुटिल व्यक्ति का मन भी निर्मल हो जाता है। तुलसीदास ने हनुमान चालीसा को अवधी भाषा में लिखा। एक कथा के अनुसार जब तुलसीदास ने रामचरितमानस का पाठ समाप्त किया तब सभी भक्त वहां से चले गए, लेकिन एक वृद्ध वहीं बैठा रहा। वो कोई और नहीं बल्कि स्वयं हनुमान जी थे। कहा जाता है कि हनुमान चालीसा को सबसे पहले हनुमान जी ने ही सुना था। हनुमान चालीसा में 40 चौपाई लिखी गई हैं। इसलिए जीवन में सुख-शांति और भयमुक्ति के लिए हनुमान चालीसा का पाठ नित्य करें।


 

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