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मानवता के लिये सदैव संवेदनशील रहें : पटवारी

आईटीएम विश्वविद्यालय  के दीक्षांत समारोह में 930 विद्यार्थियों को मिली उपाधि पद्मविभूषण डॉ . राजगोपाल चिदम्बरम, पद्मश्री पीटी ऊषा एवं मार्टिन मैक्वान को उपाधियों से किया गया अलंकृत

ग्वालियर | प्रदेश के खेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में जनभागीदारी से शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य सरकार कर रही है । शिक्षा के क्षेत्र में अधिक से अधिक जनभागीदानी बढ़े इसके लिये भी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने यह बात शनिवार को आईटीएम विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही ।           दीक्षांत समारोह में देश के कई ख्यातिमान हस्तियों को उपाधियां प्रदान की गई । जिनमेंपद्मविभूषण श्री राजगोपाल चिदम्बरम, डा. वंदना शिव, एथलीट पद्श्री पी टी ऊषा और मार्टिन मैक्वान को उपाधियों से अलंकृतकिया गया । इस मौके पर 930 विद्यार्थियों को उपधि दी गई। जिनमें26 को गोल्ड मेडल, 7 पीएचडी और सात स्पांर्स्ड मेडल प्रदान किये गये ।

उच्च शिक्षा मंत्री पटवारी ने छात्र –छात्राओं से कहा कि वे अपनी शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात
सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर रहे हैं । सार्वजनिक जीवन में मानवता के लिये सदैव संवेदनशील रहकर कार्य करें । उन्होंने कहा कि आज केसमय की सबसे बड़ी जरूरत पर्यावरण संरक्षण की है। हम सभी लोग अपने जीवन जहां भी हैं वहां पर्यावरण संरक्षण के लिये कार्य करें । आने वाली पीढ़ी को हम बेहतर पर्यावरण दे सकें यह आज के समय की सबसे बड़ी जरूरी है।
कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि श्री उद्दयन वाजपेयी ने कहाकि
हम सब को सुनने की आदत डालना चाहिये । हम जब अच्छे लोगों के विचार सुनेंगे तो हमारा व्यवहार और चरित्र भी अच्छा बनेगा । उन्होंने कहा कि हमारा संसार अच्छाईयों से भरा पड़ा है। आवश्यकता उन अच्छाईयों को देखने और उनका अनुसरण करने की है। विश्वविद्यलाय से अपनी शिक्षा पूर्ण कर
सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने वाले सभी छात्र-छात्रायें भी अच्छे और विद्वानों को पढ़ें और सुने तथा उनके बताये हुये मार्ग का अनुसरण करें ।
दीक्षांत समारोह में संस्था के संस्थापक श्री रमाशंकर सिंह, रजिस्ट्रार श्री ओमवीर सिंह,
कुलपति रुचिका सिंह चौहान, श्री स्वराज पुरी, एवं गणमान्य नागरिक एवं शिक्षा से जुड़े हुये
विद्वानगण उपस्थित थे ।

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