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प्रदेश की राजनीति में सिंधिया को मिल ही गई बड़ी जिम्मेदारी

सोनिया का सुपर 7 फार्मूला प्रदेश की राजनीती में लाएगा बदलाव
नई_जिम्मेदारी : सिंधिया का प्रदेश की राजनीती में अब होगा दबदबा
कमलनाथ और दिग्विजय अब नहीं कर सकेंगे अनदेखी..सत्ता और संगठन में रहेगा दख़ल

ग्वालियर,  विजय पाण्डेय | कांग्रेस के करिश्माई नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का अब प्रदेश की राजनीति में दबदबा होगा| कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें प्रदेश में नई जिम्मेदारी जो सौंपी है| इसके चलते वे अब सत्ता और संगठन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आयेंगे| मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को उन्हें साथ लेकर चलना होगा बिना उनकी सहमती के निर्णय लेना उनके लिए संभव नहीं होगा| यह सब मुमकिन होगा सोनिया गांधी के सुपर सेवन फार्मूले से| जिसके तहत सिंधिया को पॉवरफुल बनाया गया है|


दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाने वाली समन्वय समिति में सदस्य बनाया गया है। सिंधिया के साथ ही इस कमेटी में मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अलावा चार अन्य सदस्य भी शामिल हैं|
सोनिया गांधी के निर्देश पर यह कमेटी बनाई गई है| इसमें एक बार उन्होंने सिंधिया पर भरोसा जताते हुए उन्हें इसमें रखा है| उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 26 अप्रैल 2018 को सिंधिया को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाया गया था| उनके शानदार अभियान की सफलता के चलते कांग्रेस प्रदेश में सरकार बनाने में कामयाब हो सकी| हालाँकि वे सरकार की कमान तो नहीं संभाल सके यानी की वे मुख्यमंत्री बनने से चूक गए लेकिन उनके समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने की जोर- शोर से मांग करते रहे और अभी भी कर रहे हैं| हालाँकि उनका अप्रैल में प्रदेश से राज्य सभा में जाना तय माना जा रहा है| फिलहाल सत्ता और संगठन में उनकी भूमिका का निर्वहन करने के लिए कोआर्डिनेशन कमिटी ( समन्वय समिति) में उन्हें जिम्मेदारी देना राजनितिक परिद्रश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है|
7 सदस्यीय कमिटी के सदस्य
दीपक बाबरिया, अध्यक्ष
मुख्यमंत्री कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
ज्योतिरादित्य सिंधिया
जीतू पटवारी, केबिनेट मंत्री
अरुण यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
मिनाक्षी नटराजन, पूर्व सांसद

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